- 128 सीटों पर जीत कर निर्दलीय सबसे आगेए दूसरें नम्बर पर बीजेपी 124 और कांग्रेस 106 सीटें जीती
- मुख्यमंत्री धामी ने मतदाताओं का धन्यवाद किया
- विजयी उम्मीदवारों से विकास के लिए सामूहिक काम करने की अपील
देहरादून : उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजों की तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है. इस बार पंचायत चुनाव में कड़ी टक्कर देकर प्रत्याशी जीत हासिल करते दिखाई दिए. इस बार चुनावी नतीजे काफी दिलचस्प रहे हैं. प्रदेश में कई जगह प्रत्याशी टॉस से जीते हैं तो कई प्रत्याशियों ने पर्ची से जीत हासिल की है. 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सकुशल संपन्न हो गए हैँ। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों में लगाई गई आचार संहिता को निष्प्रभावी कर दिया है।
इसके बाद उत्तराखंड पंचायत चुनाव के सभी 358 जिला पंचायत सीटों के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें बीजेपी को 124, कांग्रेस को 106, निर्दलीयों को 128 सीटें मिली हैं. वहीं, 128 निर्दलीयों में कांग्रेस समर्थित और बीजेपी समर्थित प्रत्याशी भी हैं.
इसके बाद, 6 अगस्त से जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के पदों के जोर आजमाइश शुरू होने की बातें हो रही है. निर्वाचन आयोग ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण की सूची भी जारी की है.
उधम सिंह नगर जिला पंचायत चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला. कुल 35 सीटों में से 12-12 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत की, जबकि 11 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए. चुनाव नतीजों से साल है कि जिले में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और निर्दलीयों की भूमिका भूमिका निर्णायक मानी जा रही है.
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के नतीजे देर रात घोषित हो गए. इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों समर्थकों ने अच्छी जीत हासिल की है. हालांकि, जिला पंचायत सदस्य की कई सीटों पर भाजपा समर्थिक दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा. लैंसडाउन सीट से भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत की पत्नी नीतू रावत को कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति पटवाल ने हराया.
वहीं खिर्सू से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व पूर्व ब्लॉक प्रमुख संपत सिंह को ग्वाड़ सीट पर कांग्रेस के चैत सिंह ने शिकस्त दी. इसके बावजूद भाजपा के 18, कांग्रेस के 16 और 4 निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे हैं. जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी किस पार्टी के खाते में जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन दोनों ही दल रणनीति बनाने में जुट गए हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान किसके हाथ आती है.
मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे खुशी है कि बड़ी संख्या में सामान्य बैकग्राउंड के युवा उम्मीदवार जीते हैं. मैं उन सभी को बधाई देता हूं और उनसे ग्राम सभाओं के विकास के लिए सामूहिक रूप से काम करने की अपील करता हूं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाएगा."