- मुख्य सचिव का पद संभालने के बाद नौकरशाही में बड़े बदलाव के आसार
- केंद्र सरकार द्वारा मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार नहीं मिला
लखनऊ : एसपी गोयल के उत्तर प्रदेश के 56वें मुख्य सचिव का पद संभाल लेने के बाद अब शासन स्तर पर बड़े बदलाव की संभावना है। कई अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव तय माना जा रहा है।
एसपी गोयल के मुख्य सचिव पद पर आसीन होने के बाद अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री का पद खाली हो गया है। उनके पास रहे कई विभागों को फिलहाल प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद को सौंपा गया है। अब मुख्यमंत्री सचिवालय में भी कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती हो सकती है।
उन्होंने कार्यालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया। मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार नहीं मिला है। नाम की घोषणा होते ही कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया। इस मौके पर मनोज कुमार सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बताते चलें कि गोयल 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह अभी तक मुख्यमंत्री के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पद पर काम कर रह थे। मुख्यमंत्री के सबसे खास अफसरों में इनकी गिनती होती रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुरुआती कार्यकाल से यह सीएम कार्यालय के प्रमुख अफसरों में एक रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव के रूप में कार्य करते समय एसपी गोयल के पास नागरिक उड्डयन, राज्य संपत्ति एवं प्रोटोकॉल विभाग की जिम्मेदारी भी थी। अब उन्हें मुख्य सचिव के पद पर तैनात करने के साथ अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव समन्वय विभाग, अध्यक्ष पिकप, यूपीडा एवं उपशा का मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा यूपीडास्प के निदेशक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं नागरिक उड्डयन और राज्य संपत्ति विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रमुख सचिव गृह एवं सूचना संजय प्रसाद को दी गई है।
मनोज कुमार सिंह 30 जून 2024 को मुख्य सचिव बनाए गए थे। वह गुरुवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। राज्य सरकार ने उन्हें एक साल का सेवा विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार को जुलाई के पहले सप्ताह में पत्र भेजा था। लेकिन, उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिला। हालांकि इससे पहले केंद्र सरकार ने मुख्य सचिव रहे अनूप चंद्र पांडेय और दुर्गा शंकर मिश्र का कार्यकाल बढ़ाया था।
मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं एसपी गोयल
केंद्र सरकार द्वारा अभी तक जितने भी मुख्य सचिवों को सेवा विस्तार दिया गया था, उसका पत्र अंतिम दिन ही आया था। इसलिए ब्यूरोक्रेसी को गुरुवार की शाम तक का बेसब्री से इंतजार था। सभी की निगाहें केंद्र की ओर लगी रहीं। मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार न मिलने पर शाम को मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव रहे एसपी गोयल को नया मुख्य सचिव बना दिया गया।