नई दिल्ली : भारत अपने रक्षा सौदों को लेकर अलग-अलग देशों पर भरोसा जताता रहा है. डिफेंस सेक्टर के समझौतों को लेकर भले ही भारत रूस पर भरोसा जताता रहा है, उसने फ्रांस से भी राफेल जैसे फाइटर्स का सौदा किया है. जहां भी भारत को अपनी सेना को मजबूत करके की संभावनाएं दिखती हैं, वो वहां से रक्षा सौदे करने में पीछे नहीं हटता है. इसी सिलसिले में भारत ने स्पेन से भी कुछ ऐसे एयरक्राफ्ट लिए हैं, जो उसकी सैन्य क्षमता को और भी ज्यादा बढ़ाने वाले हैं.
भारत को स्पेन से उसका 16वां और आखिरी C-295 सैन्य परिवहन विमान मिल गया. यह जानकारी स्पेन स्थित भारतीय दूतावास ने दी. भारत को स्पेन से 16 ऐसे एयरक्राफ्ट मिले हैं, जो वायुसेना की ताकत बढ़ाने वाले हैं. ये एयरक्राफ्ट मल्टी रोल हैं और भारत ऐसे ही 40 एयरक्राप्ट अपने देश में भी तैयार करने वाला है. ये सैन्य परिवहन विमान हर पुराने हो चुके Avro विमानों को रिप्लेस करने वाला है.
C-295 एक आधुनिक तकनीक वाला सैन्य परिवहन विमान है, जिसकी क्षमता 5 से 10 टन तक माल ढोने की है. अभी तक हमारी वायुसना एवरो विमानों का इस्तेमाल कर रही थी, जो पुराने हो चुके हैं. इसकी उड़ान क्षमता लगभग 11 घंटे तक की है. इसकी क्षमता को हम इस तरह से जान सकते हैं.
- ये विमान 5 से 10 टन तक का भार ले जाने की क्षमता रखते हैं
- एक बार ईंधन भरने पर लगभग 11 घंटे तक उड़ान भर सकता है
- यह छोटे और कच्चे रनवे से भी उड़ान भर सकता है और उतर सकता है
- इसमें आधुनिक कॉकपिट और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम है जो उड़ान को सुरक्षित और सटीक बनाते हैं
- यह विमान आसान और सस्ते रखरखाव के लिए डिज़ाइन किया गया है
सेना के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
भारतीय वायुसेना की ताकत इन विमानों के आने से इसलिए बढ़ जाएगी क्योंकि इसमें 71 तक सैनिक या 48 पैराट्रूपर्स को एक साथ ले जाया जा सकता है. इसमें मेडिकल स्ट्रेचर और उपकरण फिट कर एयर एम्बुलेंस की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. ये बाढ़, भूकंप या अन्य आपदाओं में राहत सामग्री पहुंचाने में सक्षम है. यह विमान हवा से सामान या सैनिकों को पैराशूट से गिरा सकता है, जो सीमावर्ती इलाकों में बेहद उपयोगी है.
कुल 56 विमान शामिल होने की योजना
भारतीय राजदूत दिनेश के पटनायक और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पेन के सेविल शहर में स्थित एयरबस के संयंत्र से इस आखिरी विमान को प्राप्त किया. यह डिलीवरी दो महीने पहले ही पूरी हो गई, जो कि भारत की रक्षा क्षमताओं के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है. भारत ने सितंबर, 2021 में स्पेन की कंपनी Airbus Defence & Space के साथ 56 C-295 विमानों के लिए समझौता किया था. इनमें से 16 विमान स्पेन से सीधे आने थे, जो आ चुके हैं, जबकि 40 विमान भारत में बनेंगे. ये गुजरात में स्थित TATA Advanced Systems Limited (TASL) के परिसर में C-295 विमान निर्माण संयंत्र में बनेंगे, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने पिछले साल वडोदरा में किया था. यह भारत का पहलले निजी क्षेत्र का सैन्य विमान असेंबली प्लांट है. इसमें Bharat Electronics Ltd, Bharat Dynamics Ltd और MSME भी सहयोग करेंगे.