- पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख
- बोले- लोगों को सहायता कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही
नई दिल्ली/देहरादून : मंगलवार दोपहर लगभग 1:45 बजे, हरसिल स्थित भारतीय सेना के शिविर से लगभग 4 किलोमीटर दूर, उत्तरकाशी के धराली गाँव में एक शक्तिशाली बादल फटने से हुए भीषण भूस्खलन में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 50 से ज़्यादा लोग लापता हैं। इस भूस्खलन के कारण पवित्र गंगोत्री धाम का सभी सड़क संपर्क टूट गया है। इस आपदा के कारण पानी और मलबे का एक ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा जिससे पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया और कई एजेंसियों को आपातकालीन राहत कार्य शुरू करना पड़ा। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर- 01374222126, 222722 जारी किया है।
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मैं सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूँ। मैंने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात की है और स्थिति की जानकारी प्राप्त की है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव दल हर संभव प्रयास में लगे हुए हैं। लोगों को सहायता प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। चमोली पुलिस ने बताया कि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर पागलनाला और भनेरपानी के पास मलबा आने से सड़क अवरुद्ध हो गई है। मलबा हटाने और सड़क को सुचारू करने का कार्य जारी है।
पुलिस ने आगे बताया कि ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग सलधार के पास बह गया है। यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अनुरोध है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तरकाशी (उत्तराखंड) में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के विचलित करने वाले दृश्य देखे हैं। इस त्रासदी से प्रभावित लोगों की कुशलता की कामना करता हूँ। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं और बहुमूल्य जीवन बचाने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं। जेपी नड्डा ने लिखा कि उत्तराखंड में उत्तरकाशी स्थित धराली गाँव में अचानक बादल फटने से कई लोगों के हताहत होने का समाचार अत्यंत हृदय विदारक है।
उत्तराखंड के धराली में बादल फटने की घटना के बाद से राहत और बचाव कार्य जारी है. इसमें पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ़, एडीआरएफ़, आईटीबीपी और सेना की टीमें शामिल हैं. आपदा कंट्रोल रूम से भी स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है.
14 राजपूताना राइफ़ल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हर्षवर्धन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि सेना सभी लोगों के बचाव के प्रयास लगातार जारी रखेगी. कर्नल हर्षवर्धन मंगलवार, 5 अगस्त की दोपहर से 150 जवानों के साथ राहत और बचाव अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं.
कर्नल हर्षवर्धन के मुताबिक़, "राहत कार्यों को तेज़ करने के लिए अतिरिक्त सेना की टुकड़ियां, सेना के ट्रैकर डॉग्स, ड्रोन, और मलबा हटाने वाले उपकरण आदि को आगे भेजा गया है. ज़रूरी आपूर्ति, दवाइयों और फंसे हुए लोगों की निकासी के लिए सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. लगातार हो रही बारिश के कारण जल स्तर बढ़ने के मद्देनज़र स्थानीय निवासियों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है."
उत्तरकाशी ज़िले के धराली में मंगलवार को बादल फटने की घटना हुई थी. हर्षिल क्षेत्र में खीर गंगा गदेरे (गहरी खाई या नाला) का जलस्तर अचानक बढ़ने से धराली गांव में भारी नुक़सान हुआ है.