बूथ स्तर पर बीजेपी की राष्ट्रवाद रणनीति में ‘तिरंगा यात्रा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीति खूब गरमाने लगी है। समाजवादी पार्टी की ‘पीडीए पाठशाला’ को भारतीय जनता पार्टी अब जोरदार तरीके से काउंटर करने की तैयारी में है। भाजपा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की आड़ में राष्ट्रवादी भावनाओं को जगाते हुए एक बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत 10 से 15 अगस्त तक ‘तिरंगा यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के 1.6 लाख मतदान केंद्रों पर हर एक पर कम से कम 500 तिरंगे फहराए जाएंगे। यूपी में बीजेपी की कोशिश जातीय गोलबंदी का जवाब राष्ट्रवाद के जरिए देने की है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने इस अभियान के लिए अपने क्षेत्रीय अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों को पत्र भेजा है। इसमें साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि तिरंगा यात्रा में बच्चों को विशेष रूप से शामिल किया जाए। बच्चों के हाथों तिरंगा फहराया जाए। यह अभियान भाजपा युवा मोर्चा और महिला मोर्चा की मदद से संचालित किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि हमारे लिए राष्ट्र पहले है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और तिरंगा यात्रा जैसे अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा केवल राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत संगठन है।
प्रभाव वाले इलाकों में अभियान
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में सपा ने ‘पीडीए पाठशाला’ के जरिए बच्चों को प्रभावित करने की कोशिश की है, वहां भाजपा का राष्ट्रवादी अभियान और अधिक आक्रामक ढंग से चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम विपक्ष की जातिवादी राजनीति का जवाब राष्ट्रवाद से देंगे।
स्कूल-कॉलेजों में भी कार्यक्रम
भाजपा का यह अभियान सिर्फ तिरंगा यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें स्कूल-कॉलेजों में युवाओं तक पहुंचने की भी योजना है ताकि राष्ट्रभक्ति का संदेश गहराई तक पहुंचे। साथ ही, भेजे गए पत्र में मई में सफलतापूर्वक चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का भी उल्लेख है, जिसे भाजपा राष्ट्र सुरक्षा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में पेश कर रही है।
रणनीतिक जवाब की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो भाजपा का यह कदम सपा की ‘पीडीए पाठशाला’ को प्रतीकात्मक और रणनीतिक जवाब है। वहां सपा जातीय समीकरणों को मजबूत करने की कोशिश में है। वहीं, भाजपा राष्ट्रीय प्रतीकों और भावनाओं के जरिए युवाओं तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है। यूपी चुनाव से पहले इस अभियान के जरिए भाजपा के बूथ-स्तरीय संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक सटीक कदम भी माना जा रहा है।