उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के सामने घमासान!
विधायक मुर्दाबाद के लगे नारे, पार्टी की गुटबाजी खुलकर सामने आई
पिथौरागढ (उत्तराखण्ड): एक तरफ चुनाव से पहले कांग्रेस ने ग्राउंड पर अपने आप को मजबूत करने में जुटी हुई है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने अंदर चल रही गुटबाजी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को परेशान कर रही है. आज भी ऐसा ही हुआ, जब अचानक से मंच पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ बैठे कांग्रेस विधायक मयूख महर अचानक से नाराज हो चल गए.
दरअसल, साल 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत करने के लिए कांग्रेस प्रदेश भर में 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' का आयोजन कर रही है. इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी पिथौरागढ़ में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' का आयोजन किया. तभी सम्मेलन के दौरान पिथौरागढ़ जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी के संबोधन से विवाद शुरू हुआ. मंच से जब भावना नगरकोटी निकाय चुनाव में कांग्रेस के भीतर हुए विवाद और घटनाक्रम को लेकर बोलने लगी तो मामला गरमाने लगा।
वह कहने लगी कि कांग्रेस विधायक ने ऐसी महिला को चुनाव लड़वाया जो कांग्रेस की सदस्य भी नहीं थी। निकाय चुनाव के दौरान उन्हें चरित्रहीन होने का सार्टिफिकेट भी दे दिया। उन्होंने सवाल किए कि उन्होंने क्या चरित्रहीनता की बताया जाए? भावना को ऐसा बोलने से मना करने पर उनके समर्थक मंच पर चढ़ गए और विधायक मयूख महर के मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। इससे हंगामे जैसी नौबत आ गई। विधायक नाराज होकर बैठक छोड़ चल दिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुटता का संदेश देते हुए आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और यदि कार्यकर्ता ही आपस में टकराएंगे तो संगठन कमजोर होगा। बीज बचेगा तभी फसल लहलहाएगी। टकराइए मत, बीजों को संभालिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर सभी का अपना-अपना योगदान और हित जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी प्रकार का टकराव संगठन को नुकसान पहुंचाने का काम करेगा।