936 ट्रेनिंग पार्टनर एक लाख से अधिक युवाओं को देंगे प्रशिक्षण
लखनऊ : उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन एआई फॉर ऑल अभियान के तहत एक लाख से अधिक युवाओं को एआई व अन्य अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगा। इसके तहत मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य कौशल विकास निधि योजना में कौशल प्रशिक्षण के दूसरे चरण का लक्ष्य जारी कर दिया है।
प्रदेश के 831 निजी, राजकीय व स्टार्टअप प्रशिक्षण प्रदाताओं को 91425 युवाओं तथा 105 औद्योगिक व न्यू एज प्रशिक्षण प्रदाताओं को 14650 युवाओं के प्रशिक्षण, यानी कुल 936 प्रशिक्षण प्रदाताओं को एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले मिशन द्वारा अप्रैल में पहले चरण में 957 ट्रेनिंग पार्टनर को 99 हजार से अधिक युवाओं के प्रशिक्षण का लक्ष्य दिया गया है।
इस बार लक्ष्य आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मिशन द्वारा एआई डैशबोर्ड कौशल दर्पण का प्रयोग किया गया है। इसके साथ ही जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई से मिली सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर 936 प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य दिया गया है। सभी को समय से लक्ष्य को पूरा करना और सभी बैचों का अप्रूवल लेना हर हाल में जरूरी होगा।
न्यू-एज कोर्सेज पर विशेष फोकस
आधुनिक उद्योगों की मांग को देखते हुए इसमें हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, आईटी-आईटीईएस, फूड प्रोसेसिंग, अपैरल और हैंडीक्राफ्ट्स जैसे न्यू-एज और आधुनिक सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत न्यू-एज प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से केवल फ्यूचरिस्टिक जॉब रोल में ही दिया जाएगा।
हर केंद्र पर एक हिंदी व अंग्रेजी अखबार अनिवार्य
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया नए सत्र में युवाओं के प्रशिक्षण को लेकर काफी सख्ती की गई है। नियमों के उल्लंघन पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। नए नियमों में प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं को अपने हर नए सेंटर का उद्घाटन स्थानीय विधायक से ही कराना होगा। पुराने सेंटर को इससे छूट दी गई है। युवाओं का सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए हर सेंटर पर रोज कम से कम एक हिंदी और एक अंग्रेजी अखबार रखना अनिवार्य कर दिया गया है। सीसीटीवी लगाने होंगे, जिससे मुख्यालय से सीधी निगरानी की जा सकेगी।
एक अगस्त से लगेंगी कक्षाएं
चयनित संस्थाओं को हर हाल में 01 अगस्त से कक्षाएं शुरू करनी होंगी। इसके लिए 17-चरणों का टाइम-टेबल जारी किया गया है। सेंटर का चयन और फोटो अपलोड 2 दिन में करनी होगी। इसके बाद अगले 2 दिनों में अधिकारी सेंटर जाकर जांच करेंगे। फिर 4 दिनों के भीतर युवाओं को जोड़ने के लिए जागरूकता कैंप लगाने होंगे। छात्रों के प्लेसमेंट पर जोर होगा।