नई दिल्ली : विदेशी सहायता नियमन कानून (एफसीआरए) की पूरी प्रणाली अब डिजिटल होगी। इसके लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एफसीआरए 2.0 पोर्टल लॉन्च किया। इस पोर्टल के माध्यम से एफसीआरए के तहत आवेदन करने से लेकर सारे दस्तावेज जमा किए जा सकेंगे। भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को दी जाने वाला ओसीआइ कार्ड भी अब डिजिटल होगा। शाह ने ई-ओसीआइ कार्ड योजना का भी शुभारंभ किया।
‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत पर काम
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार “Minimum Government, Maximum Governance” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जब नीयत साफ, नीति स्पष्ट और तकनीक को अपनाने की इच्छाशक्ति हो, तो शासन ईमानदार लोगों के लिए सरल और नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों को मजबूत किया जा रहा है।
FCRA 2.0 से होगी तेज प्रोसेसिंग और बेहतर निगरानी
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले एफसीआरए व्यवस्था फाइलों और जटिल प्रक्रियाओं में उलझी हुई थी तथा प्रभावी निगरानी का अभाव था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इस व्यवस्था को मजबूत किया और अब FCRA 2.0 पोर्टल के जरिए आवेदन, नवीनीकरण, वार्षिक विवरणी और अन्य सभी प्रमुख प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे कागजी कार्यवाही कम होगी, आवेदनों का तेजी से निस्तारण होगा और विदेशी अंशदान पर रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
अब दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं
अमित शाह ने कहा कि नई प्रणाली में भौतिक रूप से दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। पोर्टल में ई-साइन आधारित प्रमाणीकरण, ओसीआर तकनीक, एनजीओ दर्पण, बैंकिंग प्रणाली और अन्य सरकारी डेटाबेस से एकीकृत व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि पूरा डेटा ‘मेघराज’ (गवर्नमेंट क्लाउड) पर सुरक्षित रहेगा, जिससे डेटा सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में एफसीआरए मोबाइल ऐप, एआई आधारित चैटबॉट और बैंकों के लिए समर्पित ऑनलाइन डैशबोर्ड भी शुरू किया जाएगा।