Breaking News
यूपी माध्यमिक शिक्षा का नया कैलेंडर जारी, किताबों का बोझ होगा कम!
शैक्षणिक कैलेंडर
Jul 05 2026

यूपी माध्यमिक शिक्षा का नया कैलेंडर जारी, किताबों का बोझ होगा कम!

सीएम योगी का बड़ा ऐलान: डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, करियर मार्गदर्शन जैसी गतिविधियों पर व्यापक जोर

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बना रही है। इसी सोच के अनुरूप जुलाई में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया, सतत मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सांस्कृतिक गतिविधियों और करियर मार्गदर्शन का व्यापक अभियान चलेगा।

शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पूरे माह संचालित होने वाली गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है। नियमित शिक्षण के साथ सीखने की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और व्यावहारिक कौशल को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।

क्या है योगी सरकार का नया विजन?
यूपी सरकार द्वारा जारी नए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, पूरे जुलाई महीने में संचालित होने वाली इन विशेष गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की केवल शैक्षणिक उपलब्धियों को सुधारना नहीं है। इसके पीछे की सोच छात्रों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता (Leadership), जीवन कौशल (Life Skills) और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है। सरकार का मानना है कि क्लासरूम की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों में सीखने की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और व्यावहारिक कौशल को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाना बेहद जरूरी है।

जुलाई महीने में होने वाले प्रमुख जागरूकता कार्यक्रम
माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जुलाई के महीने में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और सामाजिक अभियानों को स्कूलों से जोड़ा गया है। इस दौरान स्कूलों में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान, वन महोत्सव, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तथा करियर काउंसिलिंग (साइकोमेट्रिक टेस्ट) जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, सामाजिक दायित्व और अपने भविष्य के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

नियमित पढ़ाई के साथ शुरू होगी बोर्ड परीक्षा के आवेदनों की प्रक्रिया
जुलाई महीने में स्कूलों में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित शिक्षण कार्य पूरी गति से जारी रहेगा। इसके साथ ही कक्षा 9 से 12 तक के प्रवेश संबंधी सभी बचे हुए कार्यों को पूरा किया जाएगा। कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों के विवरणों का बारीकी से मिलान करके बोर्ड परीक्षा आवेदन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा, जबकि कक्षा 11 के विद्यार्थियों का 'पंचम पोर्टल' पर अनिवार्य पंजीकरण कराया जाएगा। इतना ही नहीं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बच्चों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन भी कराए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

यूनिट टेस्ट के जरिए आंका जाएगा बच्चों का 'लर्निंग प्रोग्रेस'
विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर जांचने के लिए जुलाई के दूसरे सप्ताह में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए प्रथम यूनिट टेस्ट का आयोजन किया जाएगा। इस टेस्ट में मई महीने में दिए गए गृहकार्य (Homework) का मूल्यांकन होगा। साथ ही, अप्रैल से लेकर जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) के माध्यम से बच्चों की सीखने की प्रगति का सटीक आकलन किया जाएगा। इसके समानांतर, विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण (Monitoring) और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' और क्लासरूम के बाहर सीखने के नए मौके
योगी सरकार इस बार बच्चों को क्लासरूम के बाहर भी सीखने के बेहतरीन अवसर दे रही है। जुलाई माह में सभी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) की सामान्य सभा एवं कार्यकारिणी का गठन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के अंतर्गत यूपी के विद्यार्थियों को अरुणाचल प्रदेश और मेघालय की संस्कृति, लोककला और वहां की समृद्ध परंपराओं से रूबरू कराया जाएगा। स्कूलों में स्काउट-गाइड गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ योग, खेलकूद, प्रार्थना सभा आधारित प्रेरक कार्यक्रम और डिजिटल शिक्षण गतिविधियों का भी बड़े पैमाने पर आयोजन होगा, जिससे छात्रों में अनुशासन, लीडरशिप, टीम भावना और सामाजिक सहभागिता का विकास हो सके।

निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, प्रताप सिंह बघेल ने कहा, "जुलाई का यह विशेष शैक्षणिक कैलेंडर विद्यार्थियों के समग्र विकास (Holistic Development) को ध्यान में रखकर ही तैयार किया गया है। इसमें नियमित पढ़ाई के साथ-साथ मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, स्कॉलरशिप, खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण, करियर मार्गदर्शन और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बिल्कुल समान महत्व दिया गया है। हमारा मुख्य प्रयास यही है कि प्रत्येक विद्यालय इस कैलेंडर का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कौशल और नए अवसर प्राप्त हों।"

आम जनता और छात्रों के लिए इसके क्या मायने हैं?
छात्रों को अब रटने वाली शिक्षा से मुक्ति मिलेगी। उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ कंप्यूटर (ICT) की ट्रेनिंग, करियर काउंसिलिंग के लिए साइकोमेट्रिक टेस्ट और स्कॉलरशिप के फॉर्म भरने की सुविधा स्कूल में ही मिलेगी, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत होगा।

नियमित पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मई से जुलाई तक जो भी पढ़ाया गया है, उसे परखने के लिए जुलाई के दूसरे सप्ताह में एमसीक्यू (MCQ) आधारित प्रथम यूनिट टेस्ट लिया जाएगा, जिससे बच्चों की कमजोरी को समय रहते सुधारा जा सकेगा।

अन्य प्रमुख खबरे

उत्तर प्रदेश

Electro Homeo News

National Federation of electro Homeopathic organization's New Delhi Council of electro Homeopathic system of Medicine
read more ...

© Electrohomeonews. All Rights Reserved. Designed by Electro Homeo News Team