श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद सुलझाने लोक अदालत में नहीं पहुंचा मुस्लिम पक्ष
सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से समाधान की संभावना तलाशने का दिया था निर्दश
मथुरा (उप्र): श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह विवाद में शनिवार को में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विशेष अदालत में सुलह वार्ता का प्रयास किया गया। मुस्लिम पक्ष सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुआ। हिंदू पक्ष की ओर से प्रस्ताव दिया गया कि मुस्लिम पक्ष विवादित ढांचा हटा ले, हम अन्य स्थान पर भूमि उपलब्ध कराएंगे।
दोनों पक्षों के बीच सुलह न हो पाने की स्थिति में अब 21 से 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में लगने वाली विशेष अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई होगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह मामले में अब तक 18 वाद दायर हो चुके हैं। इन सभी की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही है। पिछले दिनों कुछ लोगों ने सात विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कीं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण के हिंदू पक्षकार और अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद के समाधान की संभावना तलाशने के लिए लोक अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था. इसके अनुपालन में हिंदू पक्ष के वादी अदालत पहुंचे और लगभग आधे घंटे तक अपना पक्ष रखा.
‘आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर’ हिंदू पक्षकारों ने लोक अदालत में कहा कि मुस्लिम पक्ष विवादित स्थल से अपना ढांचा हटाकर ले जाए. यदि मुस्लिम पक्ष ऐसा करता है तो उसके लिए अन्य स्थान पर मस्जिद निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है. वर्तमान समय में आधुनिक तकनीक की सहायता से किसी भी ढांचे को सुरक्षित रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरित करना संभव है.
सुनवाई के दौरान उन्होंने अपने पक्ष के समर्थन में ऐतिहासिक तथ्यों का भी उल्लेख किया. हिंदू पक्ष के अनुसार, न्यायालय ने उनकी बात सुनी और आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए. अब इस प्रक्रिया पर न्यायालय क्या निर्णय लेता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा.