प्रदेश कैबिनेट ने तीन नए निजी विवि खोलने की मंजूरी दी
लखनऊ : कैबिनेट की बैठक में होमगार्ड स्वयं सेवकों व उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल छह दिसंबर को होमगार्ड दिवस के अवसर पर होमगार्ड जवानों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। उसी के तहत तैयार प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत लाभार्थी राजकीय अस्पतालों के साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपचार करा सकेंगे।
आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आईपीडी उपचार के लिए भी कैशलेस सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के संचालन पर प्रति होमगार्ड स्वयंसेवक एवं अवैतनिक अधिकारी तीन हजार रुपये वार्षिक प्रीमियम के हिसाब से करीब 35.50 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय आने का अनुमान है। योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साची) के माध्यम से किया जाएगा।
तीन नए निजी विवि खोलने की अनुमति
प्रदेश में कानपुर नगर, फतेहपुर व गाजियाबाद में एक-एक कुल तीन नए निजी विश्वविद्यालयों का संचालन नए सत्र 2026-27 से होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 56 हो जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 के तहत मूल्यांकन के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (एलओपी) जारी करने और संचालन प्राधिकार-पत्र जारी करने की सहमति दी गई है। इसके तहत प्रायोजक संस्था स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली द्वारा कानपुर नगर के बिल्हौर में 51.739 एकड़ भूमि पर महर्षि महेश योगी एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।
यह कृषि आधारित विश्वविद्यालय होगा, जो प्रदेश में कृषि शिक्षा व अनुसंधान को नई दिशा देगा। इसके लिए उप्र निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश, 2026 प्रख्यापित किया जाएगा। इसी क्रम में प्रायोजक संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद द्वारा डासना में 26.2656 एकड़ भूमि पर अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय, गाजियाबाद की स्थापना की गई है। अब यहां पर भी पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि संस्था पहले से मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित कर रही है। अब गाजियाबाद में यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के नए अवसर देगा। इसके लिए उप्र निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) अध्यादेश, 2026 प्रख्यापित होगा। वहीं प्रायोजक संस्था एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर द्वारा फतेहपुर दक्षिणी में 20.45 एकड़ भूमि में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। शहरी क्षेत्र के मानक के अनुरूप 20 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध है।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि उच्च शिक्षा ने गुणवत्ता के साथ-साथ प्रसार में भी बड़ी छलांग लगाई है। 2017 तक उत्तर प्रदेश में मात्र 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे। 2017 से अब तक 8 नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं। इसी तरह 2017 तक मात्र 27 निजी विश्वविद्यालय थे, जो अब बढ़कर 56 हो जाएंगे। तीनों प्रस्तावित विश्वविद्यालय के खुलने से युवाओं को प्रदेश में ही उच्च शिक्षा, शोध और रोजगारपरक पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।
प्रस्ताव के अनुसार योजना का क्रिन्यावयन राज्य व्यापक स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) द्वारा किया जाएगा।
इस योजना के क्रिन्यावयन पर सरकार को प्रतिवर्ष करीब 35.50 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होम गार्ड्स दिवस के मौके पर छह दिसंबर 2025 को आयोजित कार्यक्रम में इस योजना को लागू करने की घोषणा की थी।