प्रवेश परीक्षा में 67 प्रतिशत से ज्यादा छात्र हुए शामिल- 1 अगस्त से शुरू होंगी क्लासेस
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित 'निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना' प्रदेश के युवाओं के बीच सफलता का नया माध्यम बन रही है। इस योजना के प्रति बढ़ते आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में पंजीकृत कुल 10,167 अभ्यर्थियों में से 6,844 छात्र-छात्राओं ने रविवार को आयोजित प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा में दर्ज हुई करीब 67.3 प्रतिशत से अधिक की यह उपस्थिति योजना के प्रति युवाओं के अटूट भरोसे और उत्साह को साफ दर्शाती है।
18 मंडलों के 29 केंद्रों पर परीक्षा संपन्न, 1 अगस्त से सत्र
समाज कल्याण विभाग की ओर से आज 5 जुलाई 2026 को प्रदेश के 18 मंडलों के मंडलीय जनपदों में बनाए गए 29 परीक्षा केंद्रों पर यह प्रवेश परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराई गई। विभाग के अनुसार, परीक्षा परिणाम जारी होने के तुरंत बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से चयनित मेधावियों को विभिन्न आवासीय कोचिंग सेंटरों में सीटें आवंटित की जाएंगी। चयनित छात्रों की नियमित कक्षाएं आगामी 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ होंगी, जबकि यह पूरा शैक्षणिक सत्र 31 मई 2027 तक संचालित किया जाएगा।
महंगी निजी कोचिंग के चक्रव्यूह से मेधावियों को मुक्ति
योगी सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए संजीवनी बनकर सामने आई है। आज के दौर में जहां निजी कोचिंग संस्थानों की फीस लाखों रुपये होने के कारण कई मेधावी छात्र तैयारी करने से वंचित रह जाते हैं, वहीं सरकार की यह पहल गरीब और होनहार युवाओं को देश-प्रदेश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाने का मजबूत सेतु बन रही है।
865 मेधावियों को मिलेगा मुफ्त आवासीय कवच
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश के सात अत्याधुनिक आवासीय कोचिंग सेंटरों में कुल 865 चयनित छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। इन सीटों में से 25 प्रतिशत सीटें उन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं, जो लेटरल एंट्री के तहत पहले ही सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा (प्रिलिम्स) उत्तीर्ण कर चुके हैं। चयनित होने वाले सभी छात्रों को रहने, खाने, उच्च स्तरीय पुस्तकें, स्टडी मटेरियल और अनुभवी फैकल्टी का मार्गदर्शन पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।